सख्त बंदूक नियंत्रण कानून वाले जापान में पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्‍या में प्रयुक्त हेंडमेड जीपगन के बारे में जाने

टोक्यो : दुनिया में जापान की पहचान कई दशकों से एक शांतिप्रिय मुल्‍क के तौर पर रही है. विदित हो की जापान अपने सख्त बंदूक नियंत्रण कानून को लेकर पूरी दुनिया में जाना जाता है, इसी के कारण जापान के पूर्व प्रधानमन्त्री शिंजो आबे की हत्या में शामिल पूर्व सैनिक हत्यारे ने जिस तरह की गन का उपयोग किया है, उसकी चर्चा मीडिया में बड़े पैमाने पर है. प्राप्त खबरों के अनुसार बताया जा रहा है की इस हत्यारी गन में दो मेटल पाइप, तार, लकड़ी के ब्लॉक, सैलोटेप और लिथियम बैटरी विस्फोट के लिए उपयोग की थीं.

इसे जापान में जिपगन कहते हैं. ये भारत के कुछ राज्यों में अपराधियों द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले देसी कट्टे या तमंचे की तरह ही होता है.
मैनिची नाम के एक जापानी अखबार ने पश्चिमी जापान के नारा शहर के एक पुलिस सूत्र के हवाले से कहा कि संदिग्ध यामागामी तेत्सुया ने पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को गोली मारने के लिए अपनी खुद की डबल बैरल शाटगन बनाई थी.

न्यूज़ एनपीआर के मुताबिक़ घटनास्थल पर मौजूद एक चश्मदीद मासाहिरो ओकुडा ने कहा कि संदिग्ध ने लगभग 20 सेंटीमीटर लंबी एक ब्लैक टेप से लपेटा हुआ हथियार रखा था जिसका आकार कैमरे के लेंस के आकार के बराबर था. आरोपी ने पीछे से हमला किया और आबे को दो गोलियां दाग दी जिससे धुआं निकल रहा था. घटनास्थल पर मौजूद तस्वीरों के आधार पर, हथियार विशेषज्ञों का कहना है कि यह होममेड गन इलेक्ट्रिक ट्रिगर फायरिंग मैकेनिज्म का इस्तेमाल करती प्रतीत होती है, जो संभवत: घर पर 3डी प्रिंटेड द्वारा बनाई गई थी.

बता दे की जिपगन को साधारण भाषा में इंप्रोवाइज्ड फायरआर्म्स, पाइप गन या स्लैम गन भी कहते हैं. इन हथियारों को अधिकृत फैक्ट्रियों में नहीं बनाया जाता. ये अवैध रूप से तैयार किए जाते हैं. इनका मुख्य उद्देश्य टारगेट पर हमला कर मारना होता है. इनकी क्वालिटी और सटीकता का कोई भरोसा नहीं होता. इसलिए कई बार ऐसे बंदूकों का उपयोग करते समय ये गोली के विस्फोट से फट भी जाते हैं.
आमतौर पर अपराधी और घुसपैठिये ऐसी गन का उपयोग करते हैं. या फिर हिंसक समूहों द्वारा किया जाता है. कई देशों में ऐसी बंदूक सुरक्षा या शिकार के लिए भी बनाए जाती हैं.

विदित हो की आज शुक्रवार को जापान में सुबह 11.30 बजे पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की नारा शहर के रेल्वे स्टेशन के बाहर चुनाव प्रचार में भाषण देने के दौरान पीछे से गोलीया लगने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है. एक राजनीतिक संबोधन के दौरान उनकी नीतियों से असंतुष्ट एक 41 वर्षीय पूर्व नेवी अधिकारी और प्रोफेसर ने उन्हें गोली मार दी थी.

इस हत्यारे की गन की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें एक काले रंग की हैंड मेड गन को देखा जा सकता है. एक जासूस के मुताबिक़ “हमलावर द्वारा इस्तेमाल किया गया हथियार स्टैंडर्ड कमर्शियल मैन्यूफैक्चर्ड राइफल्स प्रतीत नहीं होता है.”

मेट्रोपॉलिटन पुलिस के मुताबिक़ जासूस ने तस्वीर की समीक्षा करने के बाद बताया, “बॉक्स जैसी डिवाइस को काले टेप में लपेटा गया है और नली से धुआं निकलते देखा जा सकता है. यह निश्चित रूप से एक स्टैंडर्ड राइफल नहीं है.” आरोपी नारा सिटी (Nara City) का ही रहने वाला बताया जा रहा है जहां आबे को गोली मारी गई है.

हालांकि हत्या के कारणों का अभी भी पुलिस पता लगा रही है लेकिन शुरुआती तफ़्तीश से पता चला है कि आरोपी शिंजो आबे की नीतियों से नाराज़ था. वो उनकी नीतियों से असंतुष्ट था.
आबे को शुक्रवार दोपहर 12:20 बजे गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनके गले में 2 गोलियां लगी थी। उनका निधन जापानी समयानुसार 5.03 बजे हुआ. अधिकारियों के मुताबिक़ उनकी पत्नी Akie अस्पताल पहुंच गई है.

विदित हो कि करीब 13 करोड़ की आबादी वाले जापान में हथियारों का लाइसेंस पाने का कानून बेहद सख्त है. अगर किसी शख्स को बंदूक का लाइसेंस लेना हो तो सबसे पहले उसे किसी शूटिंग एसोसिएशन से परमिशन लेनी पड़ती है. इसके उसे पुलिस वेरिफिकेशन और अन्य तरह की जांचों का भी सामना करना पड़ता है.
शिजो आबे को जानें;
शिंजो आबे का जन्म 21 सितंबर, 1954 को राजधानी टोक्यो में हुआ था. 26 सितंबर, 2006 को 52 साल की उम्र में जापान के प्रधानमंत्री बने. 68 साल के शिंजो आबे जापान के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले लोगों में शुमार रहे. वे 2006-07 और 2012 से 2020 तक, दो टर्म में 9 साल तक जापान के प्रधानमंत्री रहे. इससे पहले सबसे ज्यादा समय तक पीएम रहने का रिकॉर्ड उनके चाचा इसाकु सैतो के नाम दर्ज था.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि “मेरे प्रिय मित्र शिंजो आबे पर हुए हमले से बहुत व्यथित हूं. हमारे विचार और प्रार्थनाएं उनके परिवार और जापान के लोगों के साथ हैं.”
इसी तरह केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवम कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी शीजो आबे के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. शिजो आबे के आकस्मिक निधन पर भारत में एक दिन का राष्ट्रीय शोक भी घोषित किया गया हैं.