पीठासीन अधिकारी ने एसडीएम पर लगाए आरोप को एसडीएम ने किया खारिज

  1. राजगढ:-पानी की व्यवस्था पर एक चुनाव ड्यूटी मे आए कर्मचारी ने उठाए सवाल तो खाना पड़ी डांट*

*राजगढ़ मे तीसरे ओर अंतिम चरण मे कल 8 जुलाई को पंचायतों का होना है चुनाव*

*7जुलाई को ही मतदान केंद्रों पर पहुंचना रहता है ड्यूटी मे लगे अधिकारी वर्ग को*
*सामग्री लेने पहुंचे कर्मचारी अधिकारी ने एसडीएम पर उठाए सवाल*
राजगढ़ बीपी गोस्वामी द सूत्र

नरसिंहगढ़ विधानसभा में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां जोरों शोरों से चल रही थी वहीं शुक्रवार को मतदान से पहले गुरुवार के दिन उत्कृष्ट विद्यालय के पीछे नरसिंहगढ़ में मतदान से संबंधित चुनाव सामग्री का वितरण होना था लेकिन सामग्री कब किस सेक्टर को पहले वितरित की जानी है इसकी जानकारी अधिकारियों को महि थी इसी को लेकर चुनाव में जिनकी ड्यूटी लगी है वहां अधिकारी व कर्मचारी सामग्री लेने पहुंचे जहां पानी और कुछ व्यवस्थाओं को लेकर एसडीएम और कर्मचारियों के बीच नोक झोंक की बात सामने आई जहां पीठासीन अधिकारी ने एसडीएम पर अपशब्द कहने के साथ-साथ अन्य आरोप भी लगाए है।एक पीठासीन अधिकारी का वीडियो सामने आया जिसमे एसडीएम द्वारा इस अधिकारी को नेता गिरि करने का हवाला दिया गया।लेकिन कुर्ता पजामा पहन कर आए इस अधिकारी को एसडीएम ने नेतागिरी से नवाजा की चुनाव मे सिम्पल ड्रेस का उपयोग होना चाहिए ना कि नेतागिरी जैसे कुर्ता पजामा का।

दरअसल
नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 8 जुलाई को पंचायत चुनाव अंतिम चरण में होना है इसको लेकर पीठासीन अधिकारी पहुंचे थे मतदान से संबंधित राशि लेने के लिए जहां एक पीठासीन अधिकारी ने एसडीएम पर आरोप लगाकर एसडीएम की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए गए पीठासीन अधिकारी का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें अधिकारी पर नेतागिरी और नौकरी खाने के आरोप लगाए लेकिन इन तमाम आरोपों को एसडीएम नरसिंहगढ़ श्री अमन वैष्णव से बात की गई तो उन्होंने ऐसा कोई मामला नहीं होना बताया वही पानी की बात पर उन्होंने टैंकर आने पर ही पानी की व्यवस्था होना बताया जबकि नेतागिरी वाले शब्द पर एसडीएम का कहना था कि पंचायत चुनाव मैं कुर्ता पजामा पहनना ठीक है क्या ऐसे में लोगों के पास क्या मैसेज आएगा कि अधिकारी है या फिर नेता जो कुर्ता पजामा पहन कर आए हैं एसडीएम श्री वैष्णव का कहना था कि हमारी जवाबदारी है और जनता के बीच में अच्छा माहौल बना रहे इसके लिए जरूर अनुशासन मे रहकर ड्रेस को लेकर समझाइश दी गई ओर कुछ नहीं कहा गया।

एसडीएम से बात की गई तो उनका साफ कहना था कि क्या एक पीठासीन अधिकारी को कुर्ता पजामा पहनना चाहिए वह भी चुनाव ड्यूटी मे इस तरह जब पूरे मामले में एसडीएम ने इन तमाम आरोपों को खारिज कर दिया।

एक वीडियो मे पीठासीन अधिकारी का कहना था कि एसडीएम ने उनके साथ गलत व्यवहार किया है, अप शब्द कहे।नेतागिरी की बात कही है मे कोई नेता गिरि करने नहीं आया था।वहीं इस मामले में चुनाव मे ड्यूटी करने पहुंचे अधिकारी भी इस मामले में एसडीएम की कार्यप्रणाली पर सवाल तो खड़े करते दिखे लेकिन ज्यादा कुछ बोलने से डरते दिखे।